शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से हर काम में आ रही अड़चन,तो करें ये काम

0
42
Read This Also

धर्म-करम:शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से बचने के लिए और शनि की कृपा पाने के लिए ये व्रत बहुत ही जरूरी माना जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ शनि की पूजा करने का विशेष फल मिलता है।

जिस व्यक्ति के कुंडली में साढ़ेसाती ढैय्या लगा रहता है। उन्हें हर काम में असफलता प्राप्त होती है। कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है। किसी व्यक्ति की कुंडली में चार, आठ या बारहवें भाव में शनि है तो उस व्यक्ति को शनि की कृपा प्राप्त होती है।

शनि नीच राशि में या अस्त या वक्री हो तो व्यक्ति को दुख और कष्ट ही देता है।

शनि मकर व कुंभ ग्रह का स्वामी है।अगर आपकी कुंडली में वास्तु दोष या फिर साढे सती या ढैय्या लगी हुई है तो इन उपायों से आप इससे निजात पा सकते है। शनिवार और मंगलवार हर व्यक्ति के लिए बहुत खास होते हैं, क्योंकि इन दोनों दिन पूजा-अर्चना करने का विशेष लाभ मिलता है।

शनि प्रदोष व्रत वाले दिन इन उपायों को करें

मंगलवार का दिन हनुमानजी और मंगल देवता की विशेष पूजा का दिन है तो शनिवार शनि और बजरंगबली की आराधना का दिन है। अगर आपकी कुंडली में भी साढ़ेसाती ढैय्या है या फिर हर काम में सफलता प्राप्त हो रही है, तो शनि प्रदोष व्रत वाले दिन इन उपायों को करें। आपको जरुर लाभ मिलेगा।

डाकोत को दान कर दें

नौकरी में जल्द ही पदोन्नति पाने के लिए या अच्छी नौकरी पाने के लिये आज के दिन कांसे की कटोरी में तिल का तेल डाले, उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उसे शनिदेव का दान लेने वाले व्यक्ति, यानी डाकोत को दान कर दें। इससे आपकी तरक्की बहुत जल्द होगी।

यह उपाय आप हर शनिवार को कर सकते हैं

घर और बिजनेस में कभी पैसों की कमी न रहे, इसके लिये आज के दिन काले कुत्ते को तेल से चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं और गुड़ भी खिलाएं। इससे हमेशा आपकी बरकत ही बरकत होगी। यह उपाय आप हर शनिवार को कर सकते हैं।

अगर आपको अपने बच्चे की पढ़ाई को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है, अगर आपका बच्चा पढ़ाई में कमजोर है, तो आज के दिन सुबह स्नान के बाद एक काले कपड़े में थोड़े-से काले उड़द, सवा किलो अनाज, चाहें तो आप सवा किलो गेहूं भी ले सकते हैं।

शनि प्रदोष में शिव जी की पूजा का भी बहुत महत्व है

साथ ही दो बूंदी के लड्डू, कोयला व लोहे की दो कील लपेटकर बहते साफ पानी में प्रवाहित कर दें। प्रदोष व्रत में अन्न नहीं खाया जाता। शनि प्रदोष में शिव जी की पूजा का भी बहुत महत्व है। आज के दिन सबसे पहले शिव मंदिर में जाकर सबसे पहले पंचामृत और गंगाजल से शिव जी को स्नान कराएं और फिर जल से स्नान कराएं।

इसके बाद बेल पत्र, गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची आदि से भगवान का पूजन करें और हर बार एक चीज़ चढ़ाते हुए ‘ऊं नमः शिवाय’ का जाप करना न भूलें। इस दिन भगवान शिव को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग जरूर लगाएं और घी का दीपक जलाएं। शिव जी की पूजा के बाद शनिदेव की पूजा करनी चाहिए और इसी तरह से शाम के समय भी भगवान शिव की पूजा करें।

गाय के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाकर पूजा करें

अगर आप कर्ज से परेशान हैं और आपकी आर्थिक स्थिति भी ज्यादा अच्छी नहीं चल रही है तो आज के दिन काली गाय को बूंदी के लड्डू खिलाएं और गाय के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाकर पूजा करें।

प्रदोष व्रत से करके यह उपाय आप हर शनिवार को कर सकते हैं। रोगों से छुटकारा पाने के लिये आज के दिन हो सके तो शनि यंत्र की प्रतिष्ठा करें और उसके सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

इसके बाद नीले या काले रंग का कोई फूल चढ़ाएं और यंत्र के सामने बैठकर ‘ऊं शं शनैश्चराय नम:’ मंत्र का 21 बार जाप करें। परिवार को निगेटिव एनर्जी से बचाने के लिए इस मंत्र का जाप करें। ऊं अघोरेभ्यो अथ घोरेभ्यो, घोर घोरतरेभ्य: सर्वेभ्यो सर्व शर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रुद्र रूपेभ्य:

You May Like This

LEAVE A REPLY