अप्रवासी भारतीयों को मिल सकता है वोटिंग का अधिकार

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नई दिल्ली। केंद्र में सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ी है। पीएम मोदी लगभग हर विदेशी दौरे में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हैं। भारत से बाहर पूरी दुनिया में पीएम मोदी की लोकप्रियता के पीछे इन प्रवासी भारतीयों का ही हाथ है।

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA) में संशोधन का प्रस्ताव

अब मोदी सरकार इस अप्रवासी भारतीय समुदायों को रिझाने के लिए बड़ा दांव चल सकती है। मोदी सरकार अब इन प्रवासी भारतीयों को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वोट डालने का अधिकार दे सकती है।सरकार ने शुक्रवार (10 नवंबर) को CJI दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ से कहा कि प्रवासी भारतीयों को मताधिकार देने के उद्देश्य से जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA) में संशोधन का प्रस्ताव दिया है।

प्रॉक्सी वोटिंग का मतलब है कि वोट करने लोगों को खुद नहीं आना पड़ेगा

सरकार ने सैद्धांतिक तौर पर RPA में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अगर सरकार

यह विधेयक दोनों सदनों में पास कराने में सफल रही तो दुनियाभर के देशों में बसे 2.5 करोड़ अप्रवासी भारतीयों को प्रॉक्सी वोटिंग का अधिकार मिल जाएगा। प्रॉक्सी वोटिंग का मतलब है कि वोट करने लोगों को खुद नहीं आना पड़ेगा। वो यहां किसी को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर कर सकते हैं जो उनकी जगह वोट कर सकते हैं।

अभी तक केवल विदेशों में तैनात सुरक्षा कर्मियों को ही प्रॉक्सी वोटिंग का अधिकार है। हालांकि सैनिकों को दिए जाने वाले अधिकार, NRI’s को नहीं मिलेंहे। विदेशों में तैनात भारतीय सैनिक जहां किसी भी चुनाव के लिए किसी एक सदस्य को स्थायी प्रतिनिधि घोषित कर सकते हैं। वहीं सरकार के प्रस्ताव के अनुसार Nri’s को हर चुनाव के लिए प्रतिनिधि घोषित करना होगा।

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