सख्त हिदायत के बावजूद बाज नहीं आ रहे निजी स्कूल प्रबंधन

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सरकार के कड़े रुख व आरटीआई के कड़ाई से अनुपालन संबंधी सख्त हिदायत के बावजूद निजी स्कूल प्रबंधन बाज नहीं आ रहे। संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमाशु खुराना व शिक्षाधिकारी गीतिका जोशी के संयुक्त छापे में एक बार फिर अनियमितता पकड़ी गई। दो स्कूलों में अभिभावकों से प्रतिबंधित कैपिटेशन शुल्क वसूली का खुलासा होने पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना ठोका गया। सरकार के फरमान को हवा में उड़ा विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पूरी किताबें मुहैया कराने के बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें पकड़ी गई। वहीं दो स्कूल बगैर मान्यता खोले गए थे। इन्हें नोटिस थमा शुक्रवार तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन व शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को क्षेत्र के चार निजी विद्यालयों में ताबड़तोड़ छापे मारे। इस दौरान एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू की जा रही या नहीं, मानक के अनुरूप शुल्क, कक्षा-कक्ष, सीसीटीवी कैमरे शौचालय की स्थिति, खेल मैदान व पुस्तकालय आदि विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की गई। मॉडर्न पब्लिक स्कूल, माउंट सिनाई, केपीएस ताड़ीखेत तथा स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल की जाच की गई।

बगैर मान्यता फिर खोला स्कूल तो एक लाख जुर्माना

बगैर मान्यता चल रहे पाइन व्यू व नवच्योति पब्लिक स्कूल पिलखोली जैनोली प्रबंधन को नोटिस दिया गया है। उपशिक्षाधिकारी गीतिका ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार तक विद्यालय बंद कर दिया जाय। उल्लंघन पर एक लाख रुपया अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके बावजूद बगैर मान्यता स्कूल खुले मिले तो 10 हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना वसूला जाएगा। टीम में बीआरसी समन्वयक सुंदर जोशी, राजस्व उपनिरीक्षक प्रियंका जोशी, देवेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।

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