बोल्डर ने ली दो मजदूरों की जान

0
60

अल्मोड़ा में सोमवार की सुबह दोनों मजदूर घर से मजदूरी करने निकले थे। लेकिन एक घंटा भी वह काम नहीं कर पाए थे कि पत्थर का बड़ा बोल्डर उनके ऊपर आ गिरा। मकान बनाने के लिए पत्थर निकाल रहे यह मजदूर सुबह ही अपने काम पर जुट गए थे।

पत्थर के बोल्डर के विशालकाय स्थति को देखते हुए उन्होंने इसे जड़ से खाली कर हटाने की सोची। लेकिन होनी को को कुछ और ही मंजूर था। बोल्डर को हटाने के लिए खुदाई का सहारा लेने वाले इन मजदूरों ने मात्र तीन या चार फिट की ही खुदाई की थी कि बोल्डर स्लिप होकर उन्हीं के ऊपर गिर गया। माना जा रहा है कि इस दुर्घटना में काल कलवित हुए दोनों मजदूर खुदान के दौरान विशाल पत्थर का अनुमान नहीं लगा पाए यहीं चूक इनके जीवन पर भारी पड़ी।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है शायद मिट्टी में दबे बोल्डर के अचानक लुढ़कने का अंदेशा नही होने के कारण दोनों दब गए। दोनों मृतक मजदूरी और पत्थर तोड़ने का काम कर अपना घर चलाते थे। और गांव में मनरेगा के मजदूर के रूप में पंजीकृत थे। इस घटना से दोनों परिवार टूट गए हैं।

तीन घंटे बाद निकाले जा सके शव

पर्वतीय क्षेत्र में रहने वालों की किस्मत कहें या फिर कठिन भू भाग यहां दुर्घटना या आपदा जैसी घटनाएं होने पर राहत कार्य समय पर शुरू नहीं हो सकते हैं। सोमेश्वर में अभी भी घटना स्थल तक पहुंचने में प्रशासन की मशीनरी को काफी समय लगता है। सलौंज वाली घटना में भी ऐसा ही हुआ। यहां भी घटना होने के बाद तीन घंटे बीत जाने पर उनका शव निकालने में बचाव टीम कामयाब हुई। हालांकि स्थानीय लोगों के साथ ही, स्थानीय पुलिस व अल्मोड़ा से आई पुलिस और एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।

You May Like This

LEAVE A REPLY