हवाई सेवा में अधिक किराया वसूली की शिकायत पर सीएम सख्त

उड्डयन विभाग की समीक्षा, आपदा और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों पर भी बनेंगे हेलीपैड

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देहरादून। बाबा केदारनाथ में हवाई सेवाएं दे रही कंपनियों की ओर से श्रद्धालुओं से अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को इस पर नियंत्रण के लिए प्रभावी तंत्र बनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा की। राज्य में आपदा प्रबंधन और पर्यटन की दृष्टि से ऐसे स्थानो को चिन्ह्ति करने के निर्देश दिए जहां हेलीपैड नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थलों पर हेलीपैड बनाए जाएंगे।
सीएम ने राज्य में हवाई पट्टियों तथा प्रमुख हेलीपैडों की सुरक्षा के लिए सिविल एविएशन सिक्योरिटी के गठन पर समुचित विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहाकि जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 365 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग को इसके लिए आवश्यक पैरवी करने के निर्देश दिए। पंतनगर एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग सुविधा के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से अनुरोध करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ में सेवा दे रही हेलीकाप्टर कंपनियों के लिए सी.एस.आर के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुछ घंटे निशुल्क निर्धारित करने को नीति बनाने के निर्देश दिए। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के निदेशक डॉ. आर.राजेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष 7 करोड़ रूपये राजस्व के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5.80 करोड़ रूपये की आय हो चुकी है। नैनीसेनी हवाई पट्टी पर डी.जी.सी.ए. की ओर से उठाई गई आपत्तियों का प्रतिउत्तर भेजा जा चुका है। नैनीसेनी हवाई पट्टी पर एअरपोर्ट मैनेजर की नियुक्ति के लिए अनुरोध किया गया है। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी की गुणवत्ता की जांच केंद्रीय सड़क शोध संस्थान की ओर से की जाएगी। पंतनगर-देहरादून के लिए उड़ान योजना के अन्तर्गत डेक्कन एयरवेज द्वारा दिसंबर तक सेवा शुरू की जाएगी। केदारनाथ क्षेत्र में कुल 13 हवाई कंपनियों को इजाजत दी गई है। वर्तमान में कुल 8 कंपनियों की ओर से सेवाएं दी जा रही हैं। प्रदेश में कुल 49 हेलीपैड हैं। बैठक में मुख्य सचिव एस.रामास्वामी, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह नेगी उपस्थित थे।

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