हंस की मदद से सरकार ने 101 परिवारों के घर किया उजाला

वर्षों से अंधेरे में रह रहे राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के परिवारों को मुख्यमंत्री ने सोलर ब्रीफकेस एवं पावरपैक वितरित किए

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देहरादून। वर्षों से अंधेरे में रह रहे राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के 101 परिवारों के घर इस बार दिवाली में रोशन होंगे। हंस फाउंडेशन की मदद से मिलेे सोलर ब्रीफकेस एवं पावरपैक इन परिवारों को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में वितरित किए। अभी प्रथम चरण में चिन्हित 101 परिवारों को सोलर ब्रीफकेस एवं पावरपैक वितरित किए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘हर घर बिजली, घर घर बिजली‘ का सपना पूरा करने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी अविद्युतीकृत परिवारों को वर्ष 2019 तक ग्रिड के द्वारा अथवा ऑफग्रिड बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी। माता मंगला एवं भोले जी महाराज तथा सोलर ब्रीफकेस को डिजाइन करने वाले मनोज भार्गव का धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हंस फाउंडेशन के सहयोग से 15 हजार सोलर ब्रीफकेस उपलब्ध कराकर ऑफग्रिड बिजली पहुंचाने की शुरूआत उत्तराखंड से हो रही है। हंस फाउंडेशन के सहयोग से शीघ्र ही 15000 ब्रीफकेस उपलब्ध कराये जाएंगे। उन्होंने कहा कि मनोज भार्गव द्वारा ‘शिवांश‘ जैविक खाद भी तैयार की गई है, जिसे बहुत ही आसानी से तैयार भी किया जा सकता है। इसका प्रदर्शन भी मुख्यमंत्री आवास से ही किया जायेगा।
चेयरपर्सन हंस फाउंडेशन श्वेता रावत ने कहा कि बिना सरकार की सहायता के सभी गांवों केे विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हंस फाउंडेशन अपने स्तर पर दो या तीन गांवों के बारे में ही सोचता लेकिन आज सरकार के साथ मिलकर हम 40-50 गांवों के विद्युतीकरण की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हंस फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को विद्युतीकृत करने के लिये जो संकल्प लिया गया है, यह मुख्यमंत्री की प्रेरणा से संभव हो सका है। इस अवसर पर माता मंगला ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि इसकी शुरूआत उत्तराखंड से हुई है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड सरकार एवं हंस फाउंडेशन को बधाई दी कि उनके साथ मिलकर काम करने से इस बार दीपावली में ऐसे बहुत से घर रोशन होंगे, जिन्होंने आज तक बिजली का उजाला नहीं देखा है। ट्रस्टी हंस फाउंडेशन मनोज भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस सोलर ब्रीफकेस में काफी दिलचस्पी दिखायी। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों के लिये इस ब्रीफकेस को बनाते वक्त एक ही बात ध्यान में थी कि इसकी गुणवत्ता में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
सचिव ऊर्जा राधिका झा ने कहा कि उत्तराखंड में लगभग 98000 परिवार और 4700 तोक अविद्युतीकृत हैं, जिनमें बिजली पहुंचाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में 53 गांवों में अभी बिजली पहुंचायी जानी है। जिनमें 26 गांवों में वन विभाग से संबंधित प्रकरण लम्बित हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय प्रतिदिन विद्युतीकरण कार्य की की समीक्षा करता है। झा ने बताया कि पिछले 6 माह में 20 गांवों को विद्युतीकृत किया गया है। पिछले सप्ताह ही पिथौरागढ़ में 3 ग्रामों को विद्युतीकृत किया गया है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री, माता मंगला, भोले जी महाराज एवं हंस पावर पैक के आविष्कारक एवं हंस फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री मनोज भार्गव ने केदारनाथ पहुंचकर श्री केदारनाथ एवं बदरीनाथ मंदिर समिति को पहला सोलर पावर पैक समर्पित किया। इस अवसर राज्यमंत्री रेखा आर्य, विधायक खजान दास, गणेश जोशी, मुकेेश कोली उपस्थित थे।

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