वीडियो … मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शिक्षिका का हंगामा, निलंबित

सीएम बोले ... अपनी बात रखने के बजाय अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर दिए सस्पेंड करने का आदेश कर्मचारियों के तबादले स्थानांतरण एक्ट के तहत ही सम्भवः मुख्यमंत्री

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रिपोर्ट... क्रांति मिशन डॉट काम
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जनता दरबार में ट्रांसफर को लेकर शिक्षिका ने खूब हंगामा किया। सीएम के दरबार में कई फरियादी लम्बे समय बाद अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे उत्तरकाशी जनपद में तैनात अंतरा बहुगुणा पंत भी मुख्यमंत्री आवास में लगे जनता दरबार में अपनी कई सालों से एक ही जगह पोस्टिंग को लेकर फरियाद पहुंचीं थीं। शिक्षिका अपने पति की मौत के बाद ट्रांसफर को लेकर कई बार अधिकारी से लेकर कई जगह पर फरियाद कर चुकी थी सुनवाई नहीं होने पर वो मुख्यमंत्री दरबार में पहुंची थी। आवेश में आकर शिक्षिका सीएम के समक्ष भाषाई मर्यादा पार कर गईं जिसके बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षिका को पुलिस हिरासत में लेकर कार्रवाई किए जाने निर्देश दे दिए।
जनता दरबार में फरियादी शिक्षिका को मुख्यमंत्री ने मर्यादा में रहकर बात करने को कहा जब वह नहीं तो मुख्यमंत्री ने जनता दरबार में हंगामा किए जाने पर पुलिस कस्टडी में लिए जाने के आदेश दिए जिसके बाद पुलिस ने महिला को अपनी हिरासत में ले लिया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस संबंध में कहा कि शिक्षिका को कई बार मर्यादा में रहकर सही भाषा का इस्तेमाल करने को कहा गया लेकिन वह नहीं मानीं। जिसके बाद उसे सस्पेंड करने के आदेश दिए गए। जनता दरबार में हुए इस हंगामे के बाद महिला का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो गया है जिसमंे वह राज्य के मुख्यमंत्री के खिलाफ कई तरह के अपशब्दों का प्रयोग करती हुईं नजर आ रही है। उत्तराखंड में इस तरह का ये पहला मामला है जब किसी महिला ने जनता दरबार में इस तरह का हंगामा किया है। शिक्षिका को पुलिस कस्टडी में लिए जाने और सस्पेंड करने के सीएम के आदेश के बाद राजनैतिक हंगामा भी तेज हो गया है।

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